41 साल के विनोद ने F52 कैटेगरी में पैरालिंपिक में हिस्सा लिया था. इस कैटेगरी में उन एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनकी मांसपेशियों में कमजोरी होती है. लेकिन विनोद कांस्य पदक जीतने के बाद भी उसकी खुशी नहीं मना पाए.
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